*** हिंदी प्रचार-प्रसार एवं सभी रचनाकर्मियों को समर्पित 'सृजन महोत्सव' चिट्ठे पर आप सभी हिंदी प्रेमियों का हार्दिक-हार्दिक स्वागत !!! संपादक:राजकुमार जैन'राजन'- 9828219919 और मच्छिंद्र भिसे- 9730491952 ***
Showing posts sorted by relevance for query सौरभ कुमार ठाकुर. Sort by date Show all posts
Showing posts sorted by relevance for query सौरभ कुमार ठाकुर. Sort by date Show all posts

Friday, 31 July 2020

आश्चर्य (लघुकथा) - सौरभ कुमार ठाकुर

आश्चर्य
(लघुकथा)
आज सुबह जितेश का फ़ोन आया; हिमांशु ने फ़ोन रिसीव किया बोला: हेल्लो, क्या हालचाल जितेश, कैसे हो ?
जितेश बोला; क्या भाई तबियत खराब है ?
"भाई जितेश तुम अब बार-बार बिमार कैसे हो जाते हो ?" हिमांशु ने पूछा !
"भाई याद है मुझे आज भी वह दिन जब मै बच्चा था,और गाँव में रहता था । कोई डर नही,कोई गम नही । जो मन में आया खाया,खेला ! कभी बिमार नही होता था । पर आज शहर में रहता हूँ,हर पंद्रह दिन पर बिमार हो जाता हूँ । आज भी वही खाना खाता हूँ,जो गाँव में खाता था । गाँव में कुएँ और चापाकल का पानी पीता था आज मिनिरल वॉटर पीता हूँ ।फिर भी मैं बिमार हो जाता हूँ ।"एक बात समझ नही आता गाँव के मुकाबले शहर में सेहत का ध्यान अच्छे से रखता हूँ, फिर भी यार हर पंद्रह-बीस दिन पर बिमार हो जाता हूँ ।जितेश बोला ।
"हिमांशु उसकी बातों को सुनकर आश्चर्य में पड़ा रह गया...!"
और अंत में कुछ सोचकर बोला; "हाँ यार बात तो सही है ।"
-०-
सौरभ कुमार ठाकुर
(बालकवि एवं लेखक)
मुजफ्फरपुर (बिहार)
-०-


सौरभ कुमार ठाकुर जी की रचनाएं पढ़ने के लिए शीर्षक चित्र पर क्लिक करें! 

***
मुख्यपृष्ठ पर जाने के लिए चित्र पर क्लिक करें 

Friday, 20 December 2019

हिम्मत (कविता) - सौरभ कुमार ठाकुर

हिम्मत
(कविता)
तुम कुछ कर सकते हो 
तुम आगे बढ़ सकते हो ।
तुममे है बहुत हिम्मत
तुम जग को बदल सकते हो ।
तुम खुद से हिम्मत नही हारना ।
कभी खुद का भरोसा मत हारना ।
तुम झूठ का मार्ग छोड़
सच्चाई के रास्ते पर चलते रहना ।
मुसीबत बहुत आते हैं जीवन में
बस डट कर सामना करना ।
तुम ही देश के भविष्य हो
यह बात हमेशा याद रखना ।
आत्मविश्वास बनाए रखो
तुम हर कार्य पूरा कर पाओगे
अपनी प्रयास तुम जारी रखो
एक दिन जरुर सफल हो जाओगे ।
तुम करना कुछ ऐसा की,
सारी दुनिया तुम्हारे गुण गाए ।
तुम बनना ऐसा की महानों की,
महानता भी कम पड़ जाए ।
तुम रखना हिम्मत इतना की,
वीर योद्धा की तलवार भी झुक जाए ।
तुम बनना इतना सच्चा की
हरीशचंद्र के बाद तुम्हारा नाम लिया जाए ।
-०-
सौरभ कुमार ठाकुर
(बालकवि एवं लेखक)
मुजफ्फरपुर (बिहार)
-०-

***
मुख्यपृष्ठ पर जाने के लिए चित्र पर क्लिक करें 

सृजन रचानाएँ

गद्य सृजन शिल्पी - नवंबर २०२०

गद्य सृजन शिल्पी - नवंबर २०२०
हार्दिक बधाई !!!

पद्य सृजन शिल्पी - नवंबर २०२०

पद्य सृजन शिल्पी - नवंबर २०२०
हार्दिक बधाई !!!

सृजन महोत्सव के संपादक सम्मानित

सृजन महोत्सव के संपादक सम्मानित
हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ